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कुंडली मिलान में क्या देखा जाता है

गुण मिलान का अंक क्या बताता है, परामर्श में क्या पूछें और किन बातों पर आपस में चर्चा करें।

Acharya Tarun Journalअद्यतन

किन बातों की तुलना होती है?

विवाह पर विचार करते समय कुंडली मिलान ज्योतिष की एक पारंपरिक पद्धति के रूप में किया जाता है। इसमें दोनों व्यक्तियों की जन्म कुंडली देखी जाती है। एक प्रचलित पद्धति अष्टकूट या गुण मिलान है। इसमें आठ कूट देखे जाते हैं और कुल अंक 36 होते हैं। अक्सर जन्म के समय चंद्रमा की राशि और नक्षत्र का उपयोग किया जाता है। गुण मिलान के साथ कुंडली की दूसरी बातों पर भी चर्चा हो सकती है।

ये पारंपरिक पद्धति के मापदंड हैं। मिलान का अंक विवाह सफल होने का प्रतिशत नहीं है। इससे किसी व्यक्ति का पूरा स्वभाव या जीवन नहीं समझा जा सकता। दोनों लोग रिश्ता चाहते हैं या रोज़मर्रा के मतभेद कैसे सुलझाएँगे, इसका जवाब अंक नहीं देते।

अंक के साथ उसका अर्थ भी पूछें

मिलान की पद्धति और उसके नतीजे को समझने के तरीके में अंतर हो सकता है। प्रचलित मिलान वेबसाइटों पर भी अंकों के अलग वर्ग और शर्तें मिलती हैं। केवल कुल अंक देखने के बजाय पूछें कि किस पद्धति से मिलान किया गया है।

नाड़ी और भकूट अष्टकूट मिलान के दो मापदंड हैं। मंगल दोष का आकलन मंगल की स्थिति से जुड़ी एक अलग पारंपरिक पद्धति से होता है। पूछें कि इनका व्याख्या पर क्या असर पड़ता है और किन जानकारियों के आधार पर यह बात कही जा रही है। किसी पारंपरिक नाम को बीमारी का निदान या व्यक्ति के चरित्र का प्रमाण न समझें। मिलान के अंक या किसी पूजा से वैवाहिक जीवन की गारंटी नहीं मिलती।

दोनों के जन्म की जानकारी तैयार रखें

दोनों व्यक्तियों की जन्मतिथि और जन्मस्थान तैयार रखें। जन्म का समय पता हो तो वह भी दें। दूसरे व्यक्ति की जानकारी उनकी अनुमति से ही साझा करें। समय किसी रिकॉर्ड में दर्ज है या लगभग याद है, यह स्पष्ट बताएँ।

किसी का जन्म समय पता न हो तो फ़ॉर्म में उस व्यक्ति के लिए वही विकल्प चुनें। फ़ॉर्म पूरा करने के लिए अपनी ओर से कोई समय न भरें। पूछें कि उपलब्ध जानकारी से किन बातों पर चर्चा हो सकती है और किनके लिए सही समय चाहिए। जन्म की जानकारी और निजी सवाल परामर्श में दें; उन्हें सार्वजनिक संदेश या कैलेंडर में न लिखें।

परामर्श में क्या पूछ सकते हैं

पूछ सकते हैं: इस मिलान में सबसे महत्वपूर्ण बात कौन-सी है? समय निश्चित न होने से क्या बदलता है? यह पारंपरिक आकलन है या किसी घटना की निश्चित बात कही जा रही है? परामर्श के बाद हमें किन बातों पर आपस में चर्चा करनी चाहिए?

पहले से ज्योतिष के शब्द जानना ज़रूरी नहीं है। सरल भाषा में अर्थ पूछें। चाहें तो नोट्स बना लें ताकि बाद में उन्हें पढ़ सकें। व्याख्या और उसकी सीमाएँ समझ में आनी चाहिए।

आपस की बातचीत जारी रखें

दोनों लोगों को अपनी अपेक्षाएँ बताने का अवसर मिलना चाहिए। कहाँ रहना चाहते हैं, काम और परिवार की ज़िम्मेदारियाँ कैसे बाँटेंगे और पैसे से जुड़े निर्णय कैसे लेंगे, इन बातों पर चर्चा करें। सहमति और आपसी सम्मान का महत्व मिलान के अंक से कम नहीं होता।

गंभीर मतभेद, दबाव या सुरक्षा की समस्या हो तो उचित व्यक्तिगत और विशेषज्ञ सहायता लें। केवल कुंडली के और अंक निकलवाने से ऐसी समस्या का समाधान नहीं होता। कुंडली मिलान पारंपरिक नज़रिया देता है; रिश्ते का निर्णय संबंधित लोगों का है।

इस ऑनलाइन बुकिंग में क्या शामिल है

दिखाया गया शुल्क आचार्य तरुण के साथ निजी वीडियो परामर्श के लिए है। पूजा करवाने या आगे की किसी सेवा की व्यवस्था अलग से तय होगी। सहमति देने से पहले पूछ लें कि उस सेवा में क्या शामिल है और उसका शुल्क कितना है।